NCERT Solutions for Class 10 Hindi स्पर्श (भाग-2) गद्य खंड पाठ 14: कारतूस (हबीब तनवीर)
1. SEO STRATEGY INTRODUCTION & CHAPTER MASTER OVERVIEW
प्रसिद्ध भारतीय रंगकर्मी, नाटककार और कवि हबीब तनवीर द्वारा रचित एकांकी ‘कारतूस’ सीबीएसई (CBSE) कक्षा 10 हिंदी पाठ्यक्रम ‘ब’ (Course B) की पाठ्यपुस्तक ‘स्पर्श भाग-2’ के गद्य-खंड का अंतिम और अत्यंत ओजस्वी अध्याय है। बोर्ड परीक्षाओं के दृष्टिकोण से इस पाठ से वज़ीर अली का अदम्य साहस एवं चरित्र-चित्रण, ईस्ट इंडिया कंपनी की कूटनीति बनाम भारतीय स्वाधीनता संग्राम, एकांकी की संवादात्मक व नाटकीय शैली, तथा देशभक्ति पर आधारित विश्लेषणात्मक व मूल्यपरक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।
इस एकांकी की पृष्ठभूमि सन् 1799 के गोरखपुर के जंगलों की है, जहाँ ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के कर्नल कालिंज और लेफ्टिनेंट अपने पूरे सैन्य लश्कर के साथ अवध के पूर्व नवाब वज़ीर अली को पकड़ने के लिए कई हफ़्तों से डेरा डाले हुए हैं। वज़ीर अली केवल एक विद्रोही नहीं, बल्कि अफ़गानिस्तान के शाह ज़माँ, बंगाल के नवाब शम्सुद्दौला और टीपू सुल्तान को एकजुट कर हिंदुस्तान से अंग्रेजों को खदेड़ने का दृढ़ संकल्प रखने वाला सच्चा देशभक्त था।
एकांकी का चरमोत्कर्ष (Climax) तब आता है जब वज़ीर अली अकेले एक घुड़सवार के वेश में सीधे ब्रिटिश खेमे में घुसकर कर्नल से 10 कारतूस प्राप्त करता है और अपनी निर्भीकता से कर्नल को हतप्रभ (स्तब्ध) छोड़ जाता है।
परीक्षार्थियों को उत्तर लिखते समय ‘ईस्ट इंडिया कंपनी की साम्राज्यवादी नीति’, ‘अदम्य साहस और जाँबाज़ी’, ‘कूटनीतिक षड्यंत्र’, तथा ‘देशभक्ति की लौ’ जैसे मानक शब्दों का प्रयोग करना चाहिए।
मास्टर सारांश सारणी: ‘कारतूस’ एकांकी के मुख्य पात्र, ऐतिहासिक घटना-क्रम व केंद्रीय उद्देश्य
| पात्र / प्रसंग | ऐतिहासिक व चारित्रिक संदर्भ | एकांकी में भूमिका एवं महत्त्व |
| वज़ीर अली (नायक) | अवध के नवाब आसिफ़उद्दौला का पुत्र; अत्यंत साहसी, देशभक्त व स्वाभिमानी शासक। | अंग्रेजों को देश से बाहर निकालने के लिए अकेले पूरे ब्रिटिश सैन्य-बल को चुनौती देना। |
| सादत अली | वज़ीर अली का चाचा; अंग्रेजों का पिट्ठू, स्वार्थी और ऐशो-आराम पसंद शासक। | गद्दी पाने के लालच में अवध की आधी रियासत और ₹10 लाख सालाना अंग्रेजों को सौंपना। |
| कर्नल कालिंज | ब्रिटिश सेना का अधिकारी; कई हफ़्तों से गोरखपुर के जंगलों में डेरा डाले हुए। | वज़ीर अली के आतंक से भयभीत; अंत में वज़ीर अली की जाँबाज़ी का कायल होना। |
| लेफ्टिनेंट | कर्नल का सहयोगी अधिकारी। | बातचीत के माध्यम से वज़ीर अली और सादत अली के इतिहास को उजागर करना। |
| कंपनी के वकील की हत्या | बनारस में ब्रिटिश वकील द्वारा वज़ीर अली की शिकायत न सुनना व अपमान करना। | स्वाभिमान पर चोट लगने पर वज़ीर अली द्वारा खंजर से वकील को मौत के घाट उतारना। |
| 10 कारतूस माँगना | अकेले ब्रिटिश खेमे में आकर कर्नल से अपनी ही गिरफ़्तारी हेतु कारतूस लेना। | अदम्य वीरता, प्रत्युत्पन्नमतित्व (उपस्थिति-बुद्धि) और मनोवैज्ञानिक विजय का प्रतीक। |
2. NCERT पाठ्यपुस्तक अभ्यास: प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) दीजिए:
Question 1. कर्नल कालिंज का खेमा जंगल में क्यों लगा हुआ था? [CBSE 2019, 2023]
Answer:
कर्नल कालिंज का खेमा अपनी पूरी सेना और लाव-लश्कर के साथ गोरखपुर के घने जंगलों में इसलिए लगा हुआ था, ताकि वे अवध के अपदस्थ नवाब वज़ीर अली को बंदी बना सकें, जो कई वर्षों से अंग्रेजों की आँखों में धूल झोंककर जंगलों में छापामार युद्ध लड़ रहा था।
Question 2. वज़ीर अली से सिपाही क्यों तंग आ चुके थे? [CBSE 2020]
Answer:
कर्नल और उसके सिपाही कई हफ़्तों से घने जंगलों में डेरा डाले हुए थे। इसके बावजूद वज़ीर अली का कोई सुराग नहीं मिल रहा था। वह अत्यंत फुर्तीला, जाँबाज़ और चकमा देने में माहिर था। महीनों की निष्फल खोज और जंगल की कठिनाइयों के कारण सिपाही बुरी तरह तंग आ चुके थे।
Question 3. कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए क्यों कहा?
Answer:
कर्नल ने देखा कि दूर से धूल उड़ाता हुआ एक अकेला घुड़सवार बड़ी तेज़ी से सीधे उनके खेमे की ओर आ रहा था। जंगल के उस सुनसान इलाके में किसी अज्ञात घुड़सवार की संदिग्ध और तीव्र गति को देखकर कर्नल को किसी खतरे की आशंका हुई, इसलिए उसने उस पर कड़ी नज़र रखने का आदेश दिया।
Question 4. सवार ने कर्नल से कारतूस कैसे हासिल किए? [BOARD EXAM FAVORITE / CBSE 2024]
Answer:
सवार (जो स्वयं वज़ीर अली था) ने ब्रिटिश खेमे में घुसकर कर्नल से एकांत में बात की। उसने चतुराई से कहा कि वह वज़ीर अली को गिरफ़्तार करना चाहता है और इसके लिए उसे हथियारों की ज़रूरत है। कर्नल ने उसे अपना मददगार समझकर तुरंत 10 कारतूस सौंप दिए।
(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) दीजिए:
Question 5. वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आ जाती थी? [CBSE 2018, 2022]
Answer:
कर्नल को वज़ीर अली के कारनामे सुनकर प्रसिद्ध लोकनायक रॉबिनहुड की याद इसलिए आती थी क्योंकि:
- जिस प्रकार रॉबिनहुड अदम्य साहसी, निडर और जंगलों में छिपकर अंग्रेजों की नाक में दम करता था, ठीक उसी प्रकार वज़ीर अली भी अंग्रेज़ी हुकूमत के विरुद्ध अकेला संघर्ष कर रहा था।
- वज़ीर अली के दिल में अंग्रेजों के प्रति असीम नफ़रत थी। उसने मात्र पाँच महीने के शासन में ही अवध के दरबार को ब्रिटिश प्रभाव से पूरी तरह मुक्त कर दिया था।
- वह वर्षों से कंपनी की विशाल सेना को चकमा दे रहा था और उसकी जाँबाज़ी व चालाकी हूबहू रॉबिनहुड से मेल खाती थी।
Question 6. सादत अली कौन था? उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत क्यों समझा? [CBSE 2020, 2023]
Answer:
सादत अली अवध के नवाब आसिफ़उद्दौला का सगा भाई और वज़ीर अली का चाचा था। वह अत्यंत स्वार्थी, कायर, ऐश-पसंद और अंग्रेजों का वफादार था।
वज़ीर अली की पैदाइश को मौत समझना:
जब तक आसिफ़उद्दौला के कोई संतान नहीं थी, तब तक सादत अली को पूरा विश्वास था कि अवध का अगला नवाब वही बनेगा। परंतु जैसे ही वज़ीर अली का जन्म हुआ, सादत अली के नवाब बनने के सारे सपने चकनाचूर हो गए। उसे स्पष्ट हो गया कि अब गद्दी सीधे वज़ीर अली को मिलेगी। अतः नवाब बनने की अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के समाप्त होने के कारण उसने वज़ीर अली के जन्म को अपनी ‘मौत’ समझा।
Question 7. सादत अली को अवध के तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था? [CBSE 2019, 2024 HOTS]
Answer:
सादत अली को अवध की गद्दी पर बैठाने के पीछे ईस्ट इंडिया कंपनी और कर्नल का मुख्य मकसद अवध की अपार धन-दौलत को लूटना और वहाँ अपना कठपुतली शासन स्थापित करना था।
सादत अली ऐश-पसंद और रीढ़हीन व्यक्ति था। अंग्रेजों ने उससे संधि करके:
- अवध की आधी रियासत (ज़मीन) अपने अधिकार में ले ली।
- ₹10 लाख नकद सालाना कंपनी के खज़ाने में जमा करवाने का वादा लिया।
- इस प्रकार अंग्रेजों को बिना किसी युद्ध के आधी जागीर और अटूट धन मिल गया, जिससे कर्नल और कंपनी दोनों मालामाल हो गए।
Question 8. कंपनी के वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफ़ाज़त कैसे की? [CBSE 2021, 2023]
Answer:
जब वज़ीर अली को अवध की गद्दी से हटाकर बनारस भेज दिया गया और बाद में कलकत्ता तलब किया गया, तो उसने बनारस में कंपनी के वकील से शिकायत की। वकील द्वारा अपमानित किए जाने पर वज़ीर अली ने अपने खंजर से उसका कत्ल कर दिया।
इसके बाद उसने अपनी रक्षा निम्नलिखित प्रकार से की:
- वह अपने चंद वफादार साथियों के साथ तुरंत आजमगढ़ की ओर भाग गया।
- आजमगढ़ के शासक ने उसकी सहायता की और उन सभी को सुरक्षित घाघरा के जंगलों तक पहुँचा दिया।
- तब से वह बुंदेलखंड और नेपाल के सीमावर्ती जंगलों में रहकर अपनी शक्ति बढ़ा रहा था और कंपनी की पूरी सेना को लगातार चकमा दे रहा था।
Question 9. सवार ने अपना नाम वज़ीर अली क्यों बताया और कर्नल की क्या प्रतिक्रिया हुई? [BOARD EXAM FAVORITE]
Answer:
10 कारतूस हासिल करने के बाद जब कर्नल ने सवार से उसका नाम पूछा, तो सवार ने अत्यंत गर्व और निर्भयता से कहा—“वज़ीर अली!” उसने कर्नल से कहा कि तुमने मुझे कारतूस दिए हैं, इसलिए मैं तुम्हारी जान बख्श रहा हूँ।
कर्नल की प्रतिक्रिया:
यह सुनते ही कर्नल के पैरों तले ज़मीन खिसक गई और वह सन्नाटे (हैरानी) में आ गया। जिस शत्रु को वह हफ़्तों से अपनी पूरी सेना के साथ जंगलों में खोज रहा था, वह अकेला उसके तंबू में आकर कारतूस ले गया और उसकी जान भी बख्श गया। जब लेफ्टिनेंट ने पूछा कि वह कौन था, तो कर्नल के मुँह से केवल एक ही वाक्य निकला—”एक जाँबाज़ सिपाही!”
3. आशय स्पष्टीकरण (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)
Question 10. निम्नलिखित पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए:
(क) मुट्ठी भर आदमी और ये दम-ख़म! [CBSE 2022]
Answer:
आशय: यह कथन लेफ्टिनेंट द्वारा वज़ीर अली के अदम्य पराक्रम और सैन्य-कौशल पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा गया है। वज़ीर अली के पास न तो अंग्रेजों जैसी आधुनिक विशाल सेना थी और न ही बड़े हथियार। उसके पास केवल मुट्ठी भर निष्ठावान और समर्पित साथी थे। परंतु उसका आत्मबल, राष्ट्र-प्रेम, युद्ध-रणनीति और साहस इतना प्रचंड था कि उसने ईस्ट इंडिया कंपनी की पूरी सैन्य शक्ति को हफ़्तों से असहाय और भयभीत कर रखा था।
(ख) गर्द तो ऐसे उड़ रही है जैसे कि पूरा एक काफ़िला चला आ रहा हो, मगर मुझे तो सिर्फ़ एक ही सवार नज़र आता है। [CBSE 2024]
Answer:
आशय: यह दृश्य वज़ीर अली के घुड़सवारी के असाधारण वेग और उसके प्रभावशाली व्यक्तित्व को दर्शाता है। वज़ीर अली का घोड़ा इतनी तीव्र गति और शक्ति के साथ जंगल के रास्तों को चीरता हुआ आ रहा था कि उसके खुरों से उड़ने वाली धूल से पूरा आकाश ढँक गया था। देखने में ऐसा आभास होता था मानो कोई पूरी फौज (काफ़िला) आ रही हो, परंतु वास्तव में वह अकेला वीर सैनिक था जिसका संकल्प पूरी सेना से भी अधिक भारी था।
4. भाषा अध्ययन एवं व्यावहारिक व्याकरण
Question 11. निम्नलिखित वाक्यों में से सामासिक पद पहचानकर उनका विग्रह और समास का भेद लिखिए:
| वाक्यगत पद | समास-विग्रह | समास का नाम |
| घुड़सवार | घोड़े पर सवार | तत्पुरुष (अधिकरण) समास |
| देशभक्त | देश का भक्त | तत्पुरुष (संबंध) समास |
| दम-ख़म | दम और ख़म | द्वंद्व समास |
| दिन-रात | दिन और रात | द्वंद्व समास |
| कारतूस-पेटी | कारतूस के लिए पेटी | तत्पुरुष (संप्रदान) समास |
Question 12. पाठ में आए निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ स्पष्ट करते हुए वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
- आँखों में धूल झोंकना (धोखा देना): वज़ीर अली कई वर्षों से ब्रिटिश पुलिस की आँखों में धूल झोंककर जंगलों में आज़ाद घूम रहा था।
- नाक में दम करना (अत्यधिक परेशान करना): भारतीय क्रांतिकारियों ने अंग्रेज़ी हुकूमत की नाक में दम कर रखा था।
- हक्का-बक्का रह जाना (अत्यधिक चकित/स्तब्ध होना): वज़ीर अली का असली नाम सुनते ही कर्नल हक्का-बक्का रह गया।
- जान बख्शना (प्राण दान देना / जीवित छोड़ना): तुमने मुझे कारतूस दिए हैं, इसलिए मैं तुम्हारी जान बख्शता हूँ।
5. 15 उच्च-स्तरीय बोर्ड परीक्षा मॉडल प्रश्न (CBSE HOTS & FAQs)
Question 1. ‘कारतूस’ एकांकी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Answer:
इस एकांकी का मुख्य उद्देश्य 1857 से पूर्व के अज्ञात और उपेक्षित स्वतंत्रता सेनानी वज़ीर अली के अदम्य साहस, देशभक्ति, स्वाभिमान और बलिदान को उजागर करना है। लेखक यह दिखाना चाहता है कि भारतीय राजाओं की आपसी गद्दारी (जैसे सादत अली) के बावजूद वज़ीर अली जैसे जाँबाज़ों ने विदेशी दासता के विरुद्ध कभी सिर नहीं झुकाया।
Question 2. वज़ीर अली की अंग्रेजों को हिंदुस्तान से निकालने की क्या वृहद (बड़ी) योजना थी? [CBSE HOTS]
Answer:
वज़ीर अली की योजना अत्यंत दूरदर्शी और व्यापक थी:
- वह गोरखपुर के जंगलों से सुरक्षित नेपाल पहुँचना चाहता था।
- वह अफ़गानिस्तान के बादशाह शाह ज़माँ को हिंदुस्तान पर आक्रमण करने के लिए आमंत्रित कर रहा था।
- वह बंगाल के नवाब शम्सुद्दौला और दक्षिण के टीपू सुल्तान के साथ मिलकर एक संयुक्त राष्ट्रीय मोर्चा बनाना चाहता था, ताकि अंग्रेजों को देश से हमेशा के लिए बाहर निकाला जा सके।
Question 3. वज़ीर अली और सादत अली के चरित्र में क्या आधारभूत अंतर है?
Answer:
- वज़ीर अली: सच्चा देशभक्त, स्वाभिमानी, साहसी और अंग्रेजों का कट्टर विरोधी। उसने सत्ता के लिए कभी आत्म-सम्मान नहीं बेचा।
- सादत अली: गद्दार, कायर, अवसरवादी, ऐश-पसंद और अंग्रेजों का आज्ञाकारी सेवक। उसने अपनी व्यक्तिगत गद्दी के लिए देश और अवध की आधी संपत्ति अंग्रेजों को बेच दी।
Question 4. बनारस के ब्रिटिश वकील की हत्या वज़ीर अली के चरित्र के किस पहलू को उजागर करती है?
Answer:
यह घटना वज़ीर अली के प्रचंड स्वाभिमान और अन्याय के विरुद्ध तुरंत प्रतिकार करने की निर्भीक प्रवृत्ति को उजागर करती है। वह अपदस्थ होने के बावजूद किसी विदेशी अधिकारी द्वारा अपनी गरिमा का अपमान सहन नहीं कर सकता था। उसने वकील को उसी के कमरे में मारकर यह सिद्ध कर दिया कि वह झुकने वालों में से नहीं है।
Question 5. कर्नल कालिंज ने अंत में वज़ीर अली को ‘एक जाँबाज़ सिपाही’ क्यों कहा?
Answer:
कर्नल एक शत्रु सैनिक था, परंतु वज़ीर अली की अकेले मौत के मुँह (ब्रिटिश कैंप) में घुसने की निडरता, कर्नल से ही कारतूस हासिल करने की बुद्धिमानी, और निर्भयतापूर्वक अपना नाम बताकर चले जाने के साहस ने कर्नल को अंदर तक प्रभावित कर दिया। कर्नल एक फौजी होने के नाते उसके असाधारण शौर्य की प्रशंसा किए बिना न रह सका।
Question 6. 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ईस्ट इंडिया कंपनी की कूटनीति क्या थी?
Answer:
कंपनी की कूटनीति ‘बाँटो और राज करो’ (Divide and Rule) की थी। वे भारतीय रियासतों के उत्तराधिकार विवादों में हस्तक्षेप करते थे, अयोग्य व लालची रिश्तेदारों (जैसे सादत अली) को गद्दी पर बैठाते थे और बदले में राज्य की संप्रभुता, सेना और भारी राजस्व पर कब्ज़ा कर लेते थे।
Question 7. वज़ीर अली नेपाल क्यों पहुँचना चाहता था?
Answer:
वज़ीर अली नेपाल इसलिए पहुँचना चाहता था क्योंकि नेपाल उस समय ब्रिटिश प्रभाव से मुक्त एक सुरक्षित क्षेत्र था। वहाँ पहुँचकर वह अपनी शक्ति को पुनर्गठित करना, अफ़गान सेना के भारत आने की प्रतीक्षा करना और सही समय पर अवध पर पुनः आक्रमण कर अंग्रेजों को खदेड़ना चाहता था।
Question 8. एकांकी में ‘घोड़े की टापों की आवाज़’ और ‘धूल का उड़ना’ किस प्रकार का नाटकीय प्रभाव उत्पन्न करता है?
Answer:
यह दृश्य एकांकी में तीव्र कौतूहल, रोमांच, रहस्य और नाटकीय तनाव (Suspense) की सृष्टि करता है। दर्शक और कर्नल दोनों ही यह जानने को उत्सुक हो जाते हैं कि उस घने जंगल में इतना तेज घुड़सवार कौन है, जो कहानी के चरमोत्कर्ष की नींव रखता है।
Question 9. अभिकथन (A) और तर्क (R) आधारित प्रश्न:
अभिकथन (A): वज़ीर अली ने कर्नल से कारतूस लेकर भी उसकी जान बख्श दी।
तर्क (R): वज़ीर अली केवल एक हत्यारा नहीं, बल्कि एक उसूलपसंद और जाँबाज़ योद्धा था जो उपकार का बदला प्राण लेकर नहीं चुकाता था।
(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, परंतु R गलत है।
(घ) A गलत है, परंतु R सही है।
Answer:
सही उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
स्पष्टीकरण: कर्नल द्वारा कारतूस दिए जाने के उपकार के कारण ही वज़ीर अली ने अपनी मर्यादा निभाते हुए उसकी जान बख्शी, जो उसके उसूलपसंद चरित्र को प्रमाणित करता है।
Question 10. ‘कारतूस’ एकांकी की भाषा-शैली पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।
Answer:
- उर्दू-फ़ारसी युक्त खड़ी बोली: भाषा में ‘अफ़साने’, ‘जाँबाज़’, ‘तलब’, ‘हुकूमत’, ‘दम-ख़म’, ‘काफ़िला’ जैसे तत्सम उर्दू शब्दों का अत्यंत ओजस्वी और ऐतिहासिक प्रयोग है।
- संवादात्मक व नाटकीय गति: संवाद छोटे, चुस्त, प्रभावशाली और पात्रों के अनुकूल हैं, जो दृश्य को मंच पर जीवंत कर देते हैं।
Question 11. यदि सादत अली जैसा गद्दार न होता, तो क्या भारत पर अंग्रेजों का अधिकार इतनी आसानी से हो पाता?
Answer:
कदापि नहीं। सादत अली जैसे स्वार्थी और गद्दार शासकों ने अपने व्यक्तिगत ऐशो-आराम के लिए मातृभूमि की संप्रभुता को अंग्रेजों के हाथों गिरवी रख दिया। यदि सभी भारतीय शासक वज़ीर अली या टीपू सुल्तान की भाँति एकजुट होकर लड़ते, तो विदेशी व्यापारी कंपनी कभी भारत की शासक नहीं बन पाती।
Question 12. एकांकी में ‘पाँच महीने की हुकूमत’ का उल्लेख किस संदर्भ में आया है?
Answer:
यह उल्लेख वज़ीर अली के अवध के नवाब के रूप में मात्र पाँच महीने के संक्षिप्त शासनकाल के संदर्भ में आया है। इतने कम समय में भी वज़ीर अली ने अवध के पूरे प्रशासन और सेना से अंग्रेजों के प्रभाव को पूरी तरह उखाड़ फेंका था, जिससे कंपनी प्रशासन घबरा गया था।
Question 13. कर्नल और लेफ्टिनेंट की बातचीत से वज़ीर अली के विषय में क्या जानकारी मिलती है?
Answer:
उनकी बातचीत से पता चलता है कि वज़ीर अली एक अत्यंत खतरनाक, निडर, स्वाभिमानी और कूटनीतिज्ञ देशभक्त है। वह टीपू सुल्तान और अफ़गान शासकों से संपर्क कर रहा है और उसने कंपनी के वकील को सरेआम मारकर अंग्रेजों की सत्ता को खुली चुनौती दी है।
Question 14. केस स्टडी प्रश्न (Case Study Scenario):
एक जासूस किसी अति-सुरक्षित सैन्य छावनी में अकेले प्रवेश करता है, सर्वोच्च अधिकारी से आवश्यक संसाधन प्राप्त करता है, अपना परिचय देकर सकुशल बाहर निकल जाता है और अधिकारी उसकी वीरता पर मुग्ध रह जाता है।
यह आधुनिक परिदृश्य हबीब तनवीर की किस ऐतिहासिक घटना से पूर्णतः मेल खाता है?
Answer:
यह परिदृश्य ‘कारतूस’ एकांकी के चरमोत्कर्ष से मेल खाता है, जहाँ वज़ीर अली अकेले कर्नल कालिंज के तंबू में घुसता है, अपनी ही गिरफ़्तारी के नाम पर 10 कारतूस हासिल करता है, गर्व से अपना नाम ‘वज़ीर अली’ बताता है और कर्नल को भौंचक्का छोड़कर सुरक्षित निकल जाता है।
Question 15. इस एकांकी से वर्तमान पीढ़ी को क्या सबसे बड़ा संदेश मिलता है?
Answer:
इस एकांकी से यह शाश्वत संदेश मिलता है कि विषम से विषम परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद यदि मनुष्य के मन में अदम्य साहस, स्वाभिमान और देश-प्रेम का जज़्बा हो, तो वह बड़ी से बड़ी साम्राज्यवादी शक्ति के छक्के छुड़ा सकता है। हमें अपने देश की स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा सर्वोपरि मानकर करनी चाहिए।
6. CONCLUDING BOARD TOPPER STRATEGY
सीबीएसई कक्षा 10 हिंदी ‘ब’ की बोर्ड परीक्षा में ‘कारतूस’ एकांकी से शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने की विशेष मार्गदर्शिका:
- ऐतिहासिक संदर्भ और तिथियों का सही उल्लेख: उत्तर लिखते समय सन् 1799, गोरखपुर के जंगल, अवध रियासत, आसिफ़उद्दौला, सादत अली, और शाह ज़माँ जैसे प्रामाणिक ऐतिहासिक संदर्भों का प्रयोग करें और उन्हें रेखांकित (Underline) करें।
- संवादों की शुद्धता: वज़ीर अली के अंतिम संवाद (उदा. “आपने मुझे कारतूस दिए, इसलिए आपकी जान बख्शता हूँ…”) और कर्नल के अंतिम कथन (उदा. “एक जाँबाज़ सिपाही!”) को उद्धरण चिह्नों में सटीक लिखें।
- चरित्र-चित्रण के बिंदुवार आयाम: जब भी वज़ीर अली के चरित्र पर प्रश्न आए, तो उसे (क) निर्भीक व अदम्य साहसी, (ख) स्वाभिमानी, (ग) कुशल रणनीतिकार, तथा (घ) कट्टर देशभक्त जैसे उप-शीर्षकों में विभाजित करके लिखें।
