NCERT Solutions for Class 10 Hindi स्पर्श (भाग-2) गद्य खंड पाठ 10: ततॉरा-वामीरो कथा (लीलाधर मंडलोई)
1. SEO STRATEGY INTRODUCTION & CHAPTER MASTER OVERVIEW
लीलाधर मंडलोई द्वारा रचित लोककथा ‘ततॉरा-वामीरो कथा’ सीबीएसई (CBSE) कक्षा 10 हिंदी पाठ्यक्रम ‘ब’ (Course B) की पाठ्यपुस्तक ‘स्पर्श भाग-2’ के गद्य-खंड का एक अत्यंत भावपूर्ण और संदेशपरक अध्याय है। बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से यह पाठ रूढ़िवादी परंपराओं के टूटने, निस्वार्थ प्रेम व त्याग, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के भौगोलिक विभाजन की लोक-मान्यता, तथा चरित्र-चित्रण से जुड़े विश्लेषणात्मक व मूल्यपरक प्रश्नों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
यह पाठ निकोबार द्वीप समूह की एक प्राचीन और प्रसिद्ध दंतकथा (लोककथा) पर आधारित है। प्राचीन काल में लिटिल अंडमान और कार-निकोबार आपस में जुड़े हुए एक ही द्वीप थे। उस समय समाज में यह संकीर्ण और कठोर वैवाहिक परंपरा थी कि विवाह केवल अपने ही गाँव के युवक-युवती के मध्य हो सकता था; अन्य गाँव के साथ संबंध वर्जित थे। ततॉरा (पासा गाँव का एक नेकदिल, साहसी और परोपकारी युवक) और वामीरो (लपाती गाँव की एक रूपवती युवती) के निस्वार्थ और पवित्र प्रेम के आत्म-बलिदान ने समाज की इस अमानवीय रूढ़ि को सदा के लिए समाप्त कर दिया।
बोर्ड परीक्षा में उत्तर लिखते समय विद्यार्थियों को ‘परंपराओं का मानवीय रूपांतरण’, ‘पारस्परिक त्याग’, ‘अहंकार एवं सामाजिक संकीर्णता का विरोध’, तथा ‘द्वीप का भौगोलिक विखंडन’ जैसे मुख्य भावों को प्रमुखता से प्रस्तुत करना चाहिए।
मास्टर सारांश सारणी: ‘ततॉरा-वामीरो कथा’ के प्रमुख पात्र, घटना-क्रम व नैतिक आयाम
| पात्र / प्रसंग | विशेषता / घटना संदर्भ | सामाजिक व प्रतीकात्मक अर्थ |
| ततॉरा (नायक) | पासा गाँव का बलिष्ठ, सुंदर, विनम्र और परोपकारी युवक; कमर में लकड़ी की तलवार बाँधता था। | निःस्वार्थ जन-सेवा, सामाजिक सौहार्द और मर्यादा का प्रतीक। |
| वामीरो (नायिका) | लपाती गाँव की अत्यंत रूपवती, सुरीली गायिका और संवेदनशील युवती। | प्रेम की पवित्रता और समाज के दबाव में मूक पीड़ा की प्रतीक। |
| लकड़ी की तलवार | ततॉरा की कमर पर बंधी जादुई लकड़ी की तलवार। | ततॉरा की अदभुत दैवीय शक्ति, अदम्य साहस और अंततः रूढ़ि-भंजन का साधन। |
| पशु-पर्व (मेला) | पासा गाँव में हट्टे-कट्टे पशुओं के प्रदर्शन और कुश्ती का उत्सव। | सामाजिक मिलन का स्थल जहाँ दोनों का दोबारा साक्षात्कार और अपमान हुआ। |
| गाँव की वैवाहिक रूढ़ि | दूसरे गाँव के युवक-युवती से वैवाहिक संबंध पर पूर्ण प्रतिबंध। | समाज की जड़ता, संकीर्णता और विकास-विरोधी अमानवीय नियम। |
| द्वीप का दो टुकड़ों में बँटना | ततॉरा द्वारा क्रोध व व्यथा में धरती पर तलवार खींचना। | कार-निकोबार और लिटिल अंडमान का निर्माण तथा रूढ़ियों का समूल अंत। |
2. NCERT पाठ्यपुस्तक अभ्यास: प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) दीजिए:
Question 1. ततॉरा को देखकर वामीरो के गाने में व्यवधान क्यों पड़ा?
Answer: वामीरो समुद्र के किनारे डूबते सूरज को देखते हुए एकाग्रचित्त होकर एक मधुर शृंगार गीत गा रही थी। अचानक समुद्र की एक ऊँची लहर ने आकर उसे पूरी तरह भिगो दिया। इस अप्रत्याशित घटना से वह हड़बड़ा गई और जब उसने सामने ततॉरा को विस्मयपूर्वक एकटक घूरते देखा, तो लज्जा और संकोच के कारण उसका गीत बीच में ही रुक गया।
Question 2. ततॉरा की तलवार के बारे में लोगों का क्या मत था?
Answer: ततॉरा की कमर में हमेशा लकड़ी की एक पारंपरिक तलवार बंधी रहती थी। लोगों का ऐसा दृढ़ विश्वास था कि लकड़ी की होने के बावजूद उस तलवार में अनोखी दैवीय और जादुई शक्ति विद्यमान थी, जिसका उपयोग ततॉरा सबके सामने कभी नहीं करता था।
Question 3. वामीरो ने ततॉरा को बेरुखी से क्या जवाब दिया?
Answer: वामीरो ने अपने भीतर की कोमल भावना को छिपाते हुए कड़े स्वर में कहा कि वह किसी अजनबी युवक के अनुचित प्रश्नों का उत्तर देने को बाध्य नहीं है। उसने ततॉरा से पूछा कि वह कौन है और लपाती गाँव की लड़की को इस प्रकार घूरने तथा व्यर्थ प्रश्न पूछने का क्या कारण है।
Question 4. ततॉरा ने वामीरो से क्या याचना की?
Answer: ततॉरा वामीरो के रूप-सौंदर्य और मधुर स्वर से पूर्णतः सम्मोहित हो गया था। उसने अत्यंत विनम्रता और कातर भाव से वामीरो से प्रार्थना की कि वह कल ठीक इसी समय समुद्र की उसी चट्टान पर उससे मिलने अवश्य आए और उसके आग्रह को न ठुकराए।
Question 5. निकोबार के लोग ततॉरा को क्यों पसंद करते थे? [CBSE 2020, 2023]
Answer:
निकोबार के लोग ततॉरा को इसलिए अत्यधिक पसंद करते थे क्योंकि:
- वह अत्यंत सुंदर, साहसी, शक्तिशाली और नेक स्वभाव का युवक था।
- वह सदैव दूसरों की निस्वार्थ सहायता और सेवा के लिए तत्पर रहता था तथा पूरे द्वीप के सामूहिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेता था।
(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) दीजिए:
Question 6. ततॉरा और वामीरो के गाँव की क्या रीति (परंपरा) थी? यह रीति उनके संबंध में किस प्रकार बाधक बनी? [CBSE 2019, 2022]
Answer: ततॉरा के पासा गाँव और वामीरो के लपाती गाँव में यह प्राचीन और कठोर परंपरा थी कि विवाह केवल एक ही गाँव के युवक और युवती के मध्य हो सकता था। गाँव से बाहर किसी अन्य गाँव के व्यक्ति से वैवाहिक संबंध स्थापित करना सामाजिक नियमों का घोर उल्लंघन माना जाता था।
यह रीति उनके प्रेम में सबसे बड़ी दीवार बन गई क्योंकि ततॉरा पासा गाँव का निवासी था और वामीरो लपाती गाँव की थी। जब पशु-मेले में दोनों का प्रेम उजागर हुआ, तो वामीरो की माँ और गाँव के रूढ़िवादी बुजुर्गों ने परंपरा का हवाला देकर उनके रिश्ते को क्रूरतापूर्वक ठुकरा दिया और ततॉरा को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया।
Question 7. क्रोध में ततॉरा ने क्या किया और उसका क्या परिणाम हुआ? [BOARD EXAM FAVORITE / CBSE 2024]
Answer:
पशु-पर्व के मेले में जब वामीरो की माँ ने ततॉरा को भरी सभा में अपमानित किया और वामीरो फूट-फूटकर रोने लगी, तो ततॉरा असीम पीड़ा, लाचारी और क्रोध से भर गया। अपनी मर्यादा और प्रेम की विवशता के कारण वह गाँव वालों पर प्रहार नहीं कर सकता था।
अतः उसने अपने प्रचंड आक्रोश को शांत करने के लिए अपनी लकड़ी की जादुई तलवार निकाली और उसे पूरी ताकत से ज़मीन में घोंपकर दूर तक खींचता चला गया।
परिणाम:
धरती में एक गहरी दरार पड़ गई और गड़गड़ाहट के साथ द्वीप दो टुकड़ों में विभाजित हो गया। ततॉरा वाला हिस्सा समुद्र में धँसकर बह गया और ततॉरा हमेशा के लिए लहरों में विलीन हो गया। उधर वामीरो भी ततॉरा के वियोग में विक्षिप्त होकर खाना-पीना छोड़कर सदा के लिए खो गई।
Question 8. ततॉरा-वामीरो के आत्म-बलिदान से समाज में क्या सकारात्मक परिवर्तन आया? [CBSE 2021, 2023]
Answer:
ततॉरा और वामीरो की मार्मिक प्रेम-कथा और उनके दर्दनाक अंत ने निकोबार के समाज की आँखें खोल दीं। उनके इस पवित्र और मूक बलिदान का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ा:
- निकोबारियों के मन में वर्षों से जमी संकीर्णता, जातीय हठ और रूढ़िवादिता का अंत हो गया।
- गाँव वालों ने यह अनुभव किया कि अमानवीय नियम मनुष्य के जीवन और प्रेम से बढ़कर नहीं हो सकते।
- इसके बाद से निकोबार में दूसरे गाँवों के साथ भी वैवाहिक संबंध स्थापित करने की स्वस्थ और उदार परंपरा की शुरुआत हुई।
3. भाव एवं आशय स्पष्टीकरण (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)
Question 9. निम्नलिखित पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए:
(क) जब कोई राह न सूझी, तो क्रोध का शमन करने के लिए उसने अपनी शक्ति का एक सजीव प्रयोग किया।
Answer:
आशय: भरी सभा में वामीरो की माँ द्वारा किए गए अपमान और वामीरो के आंसुओं ने ततॉरा को व्यथित कर दिया था। एक ओर उसके प्रेम की पवित्रता थी और दूसरी ओर समाज की कठोर रूढ़ियाँ। वह सामाजिक मर्यादा के कारण गाँव के लोगों पर हथियार नहीं उठा सकता था। जब उसके पास अपने विरोध को प्रकट करने का कोई अन्य उपाय नहीं बचा, तो उसने अपने भीतर के उबलते क्रोध, असहायता और पीड़ा को शांत (शमन) करने के लिए अपनी तलवार को धरती में घोंपकर पूरी शक्ति से ज़मीन को चीर दिया। यह उसकी आंतरिक विद्रोही चेतना का चरम प्रकटीकरण था।
(ख) बस एक लकीर थी, जो दोनों को अलग कर रही थी। उस लकीर के उस पार ततॉरा था और इस पार वामीरो।
Answer:
आशय: यह पंक्ति शारीरिक और सामाजिक दोनों अलगावों का मार्मिक चित्रण करती है। भौतिक रूप से ततॉरा द्वारा खींची गई तलवार की दरार ने द्वीप को दो भागों में बाँट दिया था, जिससे दोनों सदा के लिए अलग हो गए। लाक्षणिक रूप से यह लकीर समाज द्वारा खींची गई संकीर्ण, अमानवीय और क्रूर परंपराओं की दीवार थी, जिसने दो सच्चे प्रेमियों को जीते-जी मिलने नहीं दिया और उनके जीवन को त्रासदी में बदल दिया।
4. भाषा अध्ययन एवं व्यावहारिक व्याकरण
Question 10. पाठ में से ‘देखना’ क्रिया के विभिन्न रूपों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
- निहारना (प्रेम और प्रशंसा से देखना): माँ अपने नन्हे बालक को वात्सल्य भाव से निहार रही थी।
- ताकना (एकटक किसी ओर देखते रहना): अजनबी को सामने पाकर वह उसे अचरज से ताकने लगा।
- घूरना (आँखें तरेरकर या अनुचित रूप से देखना): किसी राहगीर को व्यर्थ में घूरना असभ्यता की निशानी है।
- नज़र पड़ना (अचानक दिखाई दे जाना): मेले में भीड़ के बीच अचानक मेरी नज़र अपने पुराने मित्र पर पड़ी।
Question 11. निम्नलिखित वाक्यों में से पदबंध पहचानकर उनका भेद लिखिए:
- पासा गाँव का एक नेक और सुंदर युवक ततॉरा था।
- पदबंध: पासा गाँव का एक नेक और सुंदर युवक
- भेद: संज्ञा पदबंध
- ततॉरा दिन-रात दूसरों की सेवा में तत्पर रहता था।
- पदबंध: दिन-रात दूसरों की सेवा में
- भेद: क्रियाविशेषण पदबंध
- वामीरो समुद्र के किनारे बैठकर मधुर गीत गा रही थी।
- पदबंध: गा रही थी
- भेद: क्रिया पदबंध
5. 15 उच्च-स्तरीय बोर्ड परीक्षा मॉडल प्रश्न (CBSE HOTS & FAQs)
Question 1. ‘ततॉरा-वामीरो कथा’ किस क्षेत्र की लोककथा है और इसका भौगोलिक आधार क्या है?
Answer:
यह कथा भारत के केंद्रशासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की एक प्रसिद्ध लोककथा है। इसका भौगोलिक आधार यह मान्यता है कि प्राचीन काल में कार-निकोबार और लिटिल अंडमान एक ही भूभाग थे। ततॉरा की तलवार से धरती फटने के कारण ही वे दो अलग-अलग द्वीपों में विभाजित हो गए, जो आज एक-दूसरे से लगभग 96 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं।
Question 2. ततॉरा के व्यक्तित्व की कौन-सी विशेषताएँ उसे समाज में लोकप्रिय बनाती थीं?
Answer:
ततॉरा का निस्वार्थ सेवा-भाव, परोपकारी स्वभाव, विनम्र वाणी, शांत चित्त और अदम्य शारीरिक बल उसे पूरे द्वीप में अत्यंत लोकप्रिय बनाते थे। वह किसी भी गाँव में उत्सव या संकट के समय बिना बुलाए सहायता के लिए सबसे पहले पहुँच जाता था।
Question 3. वामीरो का ततॉरा के प्रति पहला व्यवहार कैसा था और उसमें परिवर्तन कैसे आया?
Answer: प्रारंभ में वामीरो ने सामाजिक मर्यादा और अजनबी होने के कारण बेरुखी और कठोरता का प्रदर्शन किया तथा ततॉरा को डाँटकर प्रश्न पूछने का कारण जानना चाहा। परंतु ततॉरा की आँखों में सच्चा समर्पण, विनम्रता और निष्कपट भाव देखकर उसके मन का संकोच पिघल गया और वह भी उसके प्रेम में बँध गई।
Question 4. ‘पशु-पर्व’ का आयोजन निकोबार में क्यों किया जाता था?
Answer:
पशु-पर्व निकोबारियों का एक पारंपरिक और सामूहिक उत्सव था। इसका मुख्य उद्देश्य हट्टे-कट्टे और सुंदर पशुओं का प्रदर्शन करना, युवाओं के शौर्य व शक्ति की परीक्षा (पशुओं से कुश्ती) लेना, तथा विभिन्न गाँवों के लोगों के मध्य मेल-मिलाप और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना था।
Question 5. वामीरो की माँ का ततॉरा के प्रति व्यवहार तत्कालीन समाज की किस मानसिकता को दर्शाता है?
Answer:
वामीरो की माँ का व्यवहार समाज की कठोर, अहंकारी, संकीर्ण और रूढ़िवादी मानसिकता को दर्शाता है। वह मानवीय भावनाओं और बच्चों की खुशी की तुलना में खोखली सामाजिक परंपराओं और झूठी प्रतिष्ठा को अधिक महत्त्व देती थी।
Question 6. ततॉरा ने अपनी लकड़ी की तलवार को धरती में क्यों घोंपा? क्या वह बदला लेना चाहता था?
Answer:
नहीं, ततॉरा किसी से बदला नहीं लेना चाहता था। वह अत्यंत विनम्र और मर्यादित था। वह गाँव वालों या वामीरो की माँ पर अपनी तलवार नहीं चला सकता था। अपने चरम आंतरिक दर्द, विवशता और क्रोध को दबाने तथा समाज की अंधी परंपराओं के प्रति मूक विद्रोह दर्ज करने के लिए उसने अपनी तलवार धरती में घोंपी थी।
Question 7. ‘रूढ़ियाँ जब बंधन बन जाएँ, तब उनका टूट जाना ही श्रेयस्कर है’—पाठ के आधार पर समीक्षा कीजिए। [CBSE HOTS]
Answer:
परंपराएँ मनुष्य के जीवन को सुखी, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए गढ़ी जाती हैं। परंतु जब वही परंपराएँ संकीर्ण होकर मनुष्य के विकास, स्वतंत्रता और स्वाभाविक प्रेम का गला घोंटने लगें, तो वे रूढ़ि बनकर विनाश का कारण बनती हैं। ततॉरा-वामीरो के बलिदान ने यही सिद्ध किया कि मनुष्य का जीवन परंपराओं से बड़ा है, अतः ऐसी जड़ रूढ़ियों का टूट जाना ही समाज के हित में है।
Question 8. ततॉरा और वामीरो के मिलन स्थल की प्राकृतिक पृष्ठभूमि कैसी थी?
Answer: उनका मिलन स्थल समुद्र का एक शांत और सुरम्य किनारा था। वहाँ ढलते हुए सूर्य की किरणें समुद्र के जल पर सतरंगी छटा बिखेर रही थीं, ठंडी बयार बह रही थी और लहरों की मधुर ध्वनि गूँज रही थी। यह शांत और मनमोहक परिवेश उनके पवित्र प्रेम के सर्वथा अनुकूल था।
Question 9. अभिकथन (A) और तर्क (R) आधारित प्रश्न:
अभिकथन (A): ततॉरा और वामीरो की मृत्यु के बाद निकोबार में वैवाहिक नियमों में परिवर्तन आ गया।
तर्क (R): उनके बलिदान ने समाज को यह अहसास कराया कि अमानवीय परंपराएँ मनुष्य के जीवन से बड़ी नहीं हो सकतीं।
(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, परंतु R गलत है।
(घ) A गलत है, परंतु R सही है।
Answer:
सही उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
स्पष्टीकरण: ततॉरा-वामीरो के मार्मिक अंत ने ही गाँव वालों के हृदय को झकझोरा, जिसके कारण उन्होंने रूढ़ियों को तोड़कर दूसरे गाँवों में विवाह की अनुमति दी।
Question 10. पाठ में प्रयुक्त लोक-संस्कृति के तत्त्वों का उल्लेख कीजिए।
Answer:
पाठ में निकोबारी लोक-संस्कृति के कई सजीव तत्त्व मिलते हैं:
- पारंपरिक वेशभूषा: लकड़ी की जादुई तलवार और पारंपरिक परिधान।
- सामूहिक उत्सव: पशु-मेला, शक्ति-परीक्षण के खेल और लोक-नृत्य।
- प्राकृतिक जीवन: नारियल के झुरमुट, समुद्र तट का जीवन और पारंपरिक वैवाहिक मान्यताएँ।
Question 11. वामीरो के वियोग का उसकी मानसिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ा?
Answer:
ततॉरा के बिछड़ जाने के बाद वामीरो पूरी तरह विक्षिप्त और चेतनाहीन हो गई। उसने परिवार और समाज से अपना नाता तोड़ लिया, खाना-पीना त्याग दिया और दिन-रात केवल समुद्र की उस चट्टान पर बैठकर ततॉरा की प्रतीक्षा में आँसू बहाती रही। अंततः उसका भी दुखद अंत हो गया।
Question 12. ततॉरा का चरित्र आज के युवाओं को क्या प्रेरणा देता है?
Answer:
ततॉरा का चरित्र युवाओं को प्रेरणा देता है कि:
- जीवन में निस्वार्थ सेवा और परोपकार को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
- कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, विनम्रता और मर्यादा का पालन करना चाहिए।
- समाज की गलत और हानिकारक कुप्रथाओं के विरुद्ध साहसपूर्वक आवाज़ उठाने का संकल्प लेना चाहिए।
Question 13. क्या समाज में आज भी ऐसी रूढ़ियाँ विद्यमान हैं? एक उदाहरण दीजिए।
Answer:
हाँ, आधुनिक युग में भी हमारे समाज में जाति-पाँति, ऊँच-नीच, दहेज प्रथा और अंतरजातीय विवाह पर प्रतिबंध जैसी अनेक संकीर्ण रूढ़ियाँ विद्यमान हैं। इनके कारण आज भी कई निर्दोष युवाओं के जीवन और खुशियों की बलि चढ़ जाती है।
Question 14. केस स्टडी प्रश्न (Case Study Scenario):
एक गाँव में दो अलग-अलग समुदायों के युवक-युवती एक-दूसरे से विवाह करना चाहते हैं, परंतु गाँव की पंचायत परंपरा का हवाला देकर उन्हें गाँव छोड़ने या कठोर दंड भुगतने का फरमान सुनाती है।
‘ततॉरा-वामीरो कथा’ के संदर्भ में पंचायत के इस निर्णय का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
Answer:
पंचायत का यह निर्णय पूर्णतः अमानवीय, संकीर्ण और प्रगति-विरोधी है। ‘ततॉरा-वामीरो कथा’ हमें सिखाती है कि जब रूढ़ियाँ मानवीय संवेदनाओं और स्वतंत्रता पर प्रहार करने लगें, तो वे समाज के विनाश का कारण बनती हैं। पंचायत को प्राचीन जड़ता का त्याग कर युवाओं की इच्छा और मानवीय अधिकारों का सम्मान करते हुए प्रगतिशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
Question 15. इस लोककथा का शीर्षक ‘ततॉरा-वामीरो कथा’ क्यों सर्वथा उपयुक्त है?
Answer:
यह शीर्षक पूर्णतः उपयुक्त और सार्थक है क्योंकि यह पूरी कथा ततॉरा और वामीरो के निस्वार्थ प्रेम, उनके मानसिक संघर्ष, समाज द्वारा किए गए उत्पीड़न, और उनके ऐतिहासिक आत्म-बलिदान के इर्द-गिर्द घूमती है। यह कथा उन दोनों के अमर प्रेम और त्याग का ही जीवंत स्मारक है।
6. CONCLUDING BOARD TOPPER STRATEGY
सीबीएसई कक्षा 10 हिंदी ‘ब’ की परीक्षा में ‘ततॉरा-वामीरो कथा’ अध्याय से शत-प्रतिशत अंक अर्जित करने के लिए विशेष रणनीति:
- भौगोलिक और सांस्कृतिक शब्दों का सटीक प्रयोग: उत्तर में ‘पासा गाँव’, ‘लपाती गाँव’, ‘कार-निकोबार’, ‘लिटिल अंडमान’, ‘पशु-पर्व’ और ‘लकड़ी की तलवार’ जैसे पाठ के प्रामाणिक शब्दों का प्रयोग करें और उन्हें रेखांकित (Underline) करें।
- रूढ़ि-भंजन का निष्कर्ष: जब भी प्रेम-कथा के प्रभाव का प्रश्न आए, तो यह स्पष्ट करें कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया, बल्कि उसने एक पुरातन अमानवीय सामाजिक रूढ़ि का समूल नाश किया।
- स्वच्छ और सुगठित प्रस्तुति: लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर शब्द-सीमा के भीतर, बिंदुवार और व्याकरणिक शुद्धता के साथ प्रस्तुत करें।
