NCERT Solutions Class 10 Hindi स्पर्श कविता 5: तोप

NCERT Solutions for Class 10 Hindi स्पर्श (भाग-2) कविता 5: तोप (वीरेन डंगवाल)

1. SEO STRATEGY INTRODUCTION & CHAPTER MASTER OVERVIEW

समकालीन हिंदी कविता के सशक्त हस्ताक्षर वीरेन डंगवाल द्वारा रचित कविता ‘तोप’ सीबीएसई (CBSE) कक्षा 10 हिंदी पाठ्यक्रम ‘ब’ (Course B) की पाठ्यपुस्तक ‘स्पर्श भाग-2’ के काव्य-खंड का एक अत्यंत विचारोत्तेजक और ऐतिहासिक-सामाजिक बोध कराने वाला अध्याय है। बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से इस पाठ से ऐतिहासिक प्रतीकों का महत्त्व, आशय स्पष्टीकरण, व्यंग्यात्मक शैली का विश्लेषण, तथा मूल्यपरक लघु व दीर्घ उत्तरीय प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

यह कविता 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि में ईस्ट इंडिया कंपनी की एक ऐतिहासिक ‘तोप’ को केंद्र में रखकर लिखी गई है। यह तोप वर्तमान में कंपनी बाग के प्रवेश द्वार पर धरोहर और प्रदर्शन की वस्तु के रूप में रखी गई है। कवि इस तोप के माध्यम से यह संदेश देते हैं कि सत्ता और हथियारों का दंभ कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसका अंत निश्चित रूप से एक दिन शक्तिहीनता और खामोशी में होता है।

काव्य-शिल्प की दृष्टि से कविता की भाषा सहज, प्रवाहमयी और बोलचाल की खड़ी बोली हिंदी है। इसमें उर्दू, तद्भव और देशज शब्दों का स्वाभाविक प्रयोग हुआ है। कविता में व्यंग्यात्मक एवं प्रतीकात्मक शैली का सुंदर निर्वाह किया गया है। गौरैया और बच्चों द्वारा तोप पर खेलना निरंकुश सत्ता पर जनसाधारण और प्रकृति की अंतिम विजय का प्रतीक है।

मास्टर सारांश सारणी: ‘तोप’ कविता के प्रमुख प्रतीक एवं उनका निहितार्थ

प्रमुख काव्य-बिंब / प्रतीककविता में स्थिति / संदर्भप्रतीकात्मक एवं दार्शनिक अर्थ
1857 की तोपकंपनी बाग के मुख्य द्वार पर तैनातऔपनिवेशिक क्रूरता, तत्कालीन सैन्य-बल और दमनकारी ब्रिटिश सत्ता का प्रतीक।
कंपनी बागविरासत में मिला पर्यटन स्थलऔपनिवेशिक अतीत की स्मृति और इतिहास की भूलों से सीख लेने का प्रतीक।
सैलानियों को परिचय देनासुबह-शाम आने वाले पर्यटकों को बतानाअतीत की शक्ति का भान और यह सीख कि कोई भी अत्याचारी सत्ता अमर नहीं होती।
बच्चों द्वारा घुड़सवारीतोप की पीठ पर बैठकर खेलनाभावी पीढ़ी द्वारा भय पर विजय प्राप्त करना और हथियारों का खिलौना बन जाना।
गौरैया का तोप के मुँह में घुसनाचिड़ियों का तोप के भीतर बैठनाशांति, जीवन, स्वतंत्रता और मासूमियत की हिंसक हथियारों पर सर्वोच्च विजय।

2. NCERT पाठ्यपुस्तक अभ्यास: प्रश्न एवं आदर्श उत्तर (Topper’s Point-to-Point Format)

Question 1. कंपनी बाग में रखी तोप क्या बताती है? [CBSE 2019, 2023]

Answer:

कंपनी बाग के मुहाने पर रखी तोप पर्यटकों को निम्नलिखित दो प्रमुख बातें बताती है:

  • अतीत की मारक क्षमता: यह बताती है कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में इसने अपने समय के बड़े-बड़े शूरवीरों और देशभक्तों के परखच्चे उड़ा दिए थे।
  • सत्ता की नश्वरता: यह यह भी सीख देती है कि चाहे कोई शस्त्र या सत्ता कितनी भी क्रूर और शक्तिशाली क्यों न हो, एक दिन उसका मुँह बंद हो जाता है और वह केवल प्रदर्शन की वस्तु बनकर रह जाती है।

Question 2. कंपनी बाग में रखी तोप की वर्ष में दो बार चमकाने की बात क्यों कही गई है? [CBSE 2020, 2024]

Answer:

कंपनी बाग में रखी तोप को वर्ष में दो राष्ट्रीय पर्वों—15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के अवसर पर चमकाया जाता है।

कारण:

  1. यह तोप हमारे राष्ट्रीय इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के अप्रतिम बलिदान का साक्ष्य प्रस्तुत करती है।
  2. इसे चमकाकर नई पीढ़ी को यह संदेश दिया जाता है कि हमें अपनी स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखना है और अतीत की उन गलतियों को नहीं दोहराना है जिनके कारण विदेशी कंपनियाँ हम पर हावी हो गई थीं।

Question 3. तोप को कब और कहाँ रखा गया है?

Answer:

  • कहाँ रखा गया है: तोप को शहर के प्रसिद्ध ‘कंपनी बाग’ के मुख्य प्रवेश द्वार (मुहाने) पर रखा गया है।
  • कब रखा गया है: इसे 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के समय ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा क्रांतिकारियों के दमन हेतु लाया गया था और स्वतंत्रता के बाद विरासत के रूप में यहाँ स्थापित किया गया।

Question 4. तोप की वर्तमान स्थिति का वर्णन कीजिए। [BOARD EXAM FAVORITE]

Answer:

तोप की वर्तमान स्थिति उसके अतीत की तुलना में सर्वथा विपरीत और शक्तिहीन है:

  • अब यह तोप पूरी तरह निष्क्रिय, मूक और केवल एक ऐतिहासिक खिलौना बनकर रह गई है।
  • दिन के समय जब सैलानी आते हैं, तो छोटे बच्चे इसकी पीठ पर बैठकर घुड़सवारी का आनंद लेते हैं।
  • जब बच्चे नहीं होते, तो चिड़ियाँ और गौरैयाँ इसके ऊपर बैठती हैं, गपशप करती हैं और निडर होकर इसके मुँह के भीतर घुस जाती हैं।

Question 5. चिड़ियों, विशेषकर गौरैयों का तोप के अंदर घुसना किस बात का संकेत करता है? [CBSE 2022, 2024 HOTS]

Answer:

गौरैयों का तोप के खुले मुँह के अंदर निर्भय होकर घुसना निम्नलिखित बातों का संकेत करता है:

  • शांति और जीवन की विजय: यह दर्शाता है कि हिंसा और विनाशकारी अस्त्रों पर प्रेम, जीवन और शांति की शक्ति सदा भारी पड़ती है।
  • अत्याचारी का अंत: यह सिद्ध करता है कि बड़े से बड़े निरंकुश और क्रूर शासक का अहंकार भी एक दिन धूल में मिल जाता है और अंततः प्रकृति व जनसाधारण की स्वतंत्रता ही विजयी होती है।

3. भाव एवं काव्य-सौंदर्य स्पष्टीकरण

Question 6. निम्नलिखित पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए:

(क) साहब, बहुत बड़ा था मैं

अपने जमाने में

ले लिए थे मैंने अच्छे-अच्छे सूरमाओं के

परखच्चे उड़ा दिए थे।

Answer:

भावार्थ: इन पंक्तियों में तोप का मानवीकरण करते हुए उसके ऐतिहासिक आतंक को व्यक्त किया गया है। तोप पर्यटकों को बताती है कि अपने समय में वह अत्यंत भयानक, विनाशकारी और अजेय थी। उसने 1857 की क्रांति में मातृभूमि के लिए लड़ने वाले अनेक महान वीरों और रणबांकुरों के प्राण ले लिए थे। यह पंक्ति तत्कालीन ब्रिटिश हुकूमत के दमन चक्र को दर्शाती है।

(ख) अब तो बहरहाल

छोटे लड़कों की घुड़सवारी से अगर यह फ़ारिग हो

तो उसके ऊपर बैठकर

चिड़ियाँ ही अक्सर करती हैं गपशप।

Answer:

भावार्थ: इन पंक्तियों में समय के चक्र और व्यंग्य का सुंदर संगम है। जिस तोप की गर्जना से कभी धरती काँपती थी, आज उसकी स्थिति यह है कि वह बच्चों के खेलने की निर्जीव काठ की घोड़ी बनकर रह गई है। बच्चों के जाने के बाद नन्हीं चिड़ियाँ उस पर बैठकर निडरता से चहचहाती हैं। यह दृश्य बताता है कि समय हर हिंसक सत्ता का घमंड तोड़ देता है।

(ग) वे बताती हैं कि दरअसल

कितनी भी बड़ी हो तोप

एक दिन तो होना ही है उसका मुँह बंद।

Answer:

भावार्थ: यह कविता की अंतिम और सर्वोच्च दार्शनिक निष्कर्षकारी पंक्तियाँ हैं। चिड़ियों का तोप के मुँह में बैठना यह अमर संदेश देता है कि क्रूरता, सैन्य-बल और आतंक का साम्राज्य कभी स्थायी नहीं हो सकता। चाहे कोई शक्ति कितनी भी महाबली क्यों न हो, एक न एक दिन उसका पतन और विनाश निश्चित होता है तथा अंततः सत्य और शांति की ही जीत होती है।

4. भाषा अध्ययन एवं व्यावहारिक व्याकरण

Question 7. पाठ में आए निम्नलिखित देशज, विदेशी (उर्दू/फ़ारसी) तथा तद्भव शब्दों के अर्थ लिखिए:

शब्दशब्द का स्रोत / प्रकारमानक हिंदी अर्थ
विरासतअरबीपूर्वजों से प्राप्त संपत्ति या वस्तु / धरोहर
सैलानीफ़ारसीपर्यटक / घूमने-फिरने वाले लोग
फ़ारिगअरबी/उर्दूमुक्त होना / काम से छुट्टी पाना
परखच्चेदेशजटुकड़े-टुकड़े करना / नष्ट-भ्रष्ट करना
सूरमातद्भवशूरवीर / पराक्रमी योद्धा
मुहानातद्भवप्रवेश द्वार / नदी या रास्ते का शुरुआती मुँह
बहरहालउर्दू/फ़ारसीफिर भी / जो कुछ भी हो

5. 15 उच्च-स्तरीय बोर्ड परीक्षा मॉडल प्रश्न (CBSE HOTS & FAQs)

Question 1. ‘तोप’ कविता में ‘विरासत’ शब्द का क्या महत्त्व है? हमें विरासत में मिली वस्तुओं की संभाल क्यों करनी चाहिए?

Answer:

‘विरासत’ वे अमूल्य वस्तुएं और स्थल हैं जो हमें हमारे पूर्वजों और इतिहास से प्राप्त होते हैं।

  • ये वस्तुएँ हमें हमारे अतीत, संस्कृति, भूलों और संघर्षों की प्रामाणिक जानकारी देती हैं।
  • इनकी संभाल इसलिए आवश्यक है ताकि भावी पीढ़ियाँ अपने इतिहास से प्रेरणा ले सकें और अतीत में की गई गलतियों से सावधान रहकर देश की संप्रभुता की रक्षा कर सकें।

Question 2. तोप की वर्तमान निष्क्रियता क्या सिद्ध करती है? [CBSE HOTS]

Answer:

तोप की वर्तमान निष्क्रियता यह सिद्ध करती है कि सैन्य-बल, हिंसा और आतंक के बल पर स्थापित किया गया शासन कभी अमर नहीं हो सकता। समय का चक्र अत्यंत बलवान है, जो बड़े से बड़े तानाशाहों और उनके हथियारों को निरर्थक सिद्ध कर देता है।

Question 3. ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ के भारत में आगमन और इस तोप के मध्य क्या संबंध है?

Answer:

ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में एक व्यापारिक संस्था के रूप में आई थी, परंतु धीरे-धीरे उसने भारतीयों की आपसी फूट का लाभ उठाकर देश पर अधिकार कर लिया। यह तोप उसी कंपनी की दमनकारी सैन्य शक्ति और साम्राज्यवादी शोषण का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसके बल पर उन्होंने भारतीयों पर शासन किया था।

Question 4. कविता में ‘कंपनी बाग’ किसका प्रतीक है?

Answer:

‘कंपनी बाग’ औपनिवेशिक दासता और ब्रिटिश हुकूमत के दौर की ऐतिहासिक स्मृति का प्रतीक है। आज यह एक सार्वजनिक स्थल (पार्क) है, जहाँ लोग प्रकृति का आनंद लेने आते हैं, जो यह दिखाता है कि शासन बदलते हैं परंतु जन-जीवन निरंतर चलता रहता है।

Question 5. तोप पर बच्चों का घुड़सवारी करना किस मनोवैज्ञानिक भाव को दर्शाता है?

Answer:

यह दृश्य दर्शाता है कि नई पीढ़ी के मन से उस ऐतिहासिक औपनिवेशिक आतंक का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है। जिस तोप से कभी लोग थर-थर काँपते थे, वह अब स्वतंत्र भारत के बच्चों के लिए केवल खेलकूद और मनोरंजन का एक साधन मात्र रह गई है।

Question 6. वीरेन डंगवाल ने इस कविता के माध्यम से तत्कालीन और वर्तमान सत्ताधीशों को क्या चेतावनी दी है?

Answer:

कवि ने चेतावनी दी है कि हथियारों और निरंकुश सत्ता के बल पर जनता को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। जो भी शासक जनता की आवाज़ को दबाने के लिए क्रूरता का सहारा लेगा, एक दिन उसकी शक्ति का ह्रास होगा और उसका मुँह भी इसी तोप की तरह बंद हो जाएगा।

Question 7. ‘एक दिन तो होना ही है उसका मुँह बंद’—पंक्ति में ‘मुँह बंद होना’ मुहावरे का क्या अर्थ है?

Answer:

यहाँ ‘मुँह बंद होना’ के दो अर्थ हैं:

  1. शाब्दिक अर्थ: तोप से गोलों का दागा जाना बंद हो जाना और उसका शांत हो जाना।
  2. लाक्षणिक अर्थ: अत्याचारी और अहंकारी शक्ति का पूरी तरह निष्प्रभावी, शक्तिहीन और पराजित हो जाना।

Question 8. कविता में किन-किन पक्षियों का उल्लेख है और उनका व्यवहार क्या संदेश देता है?

Answer:

कविता में मुख्य रूप से ‘चिड़ियों’ और ‘गौरैयों’ का उल्लेख है। उनका तोप की नली के अंदर बेखौफ आना-जाना यह संदेश देता है कि प्रकृति और निर्दोष जीवन सदा हिंसा से अधिक शक्तिशाली और दीर्घायु होते हैं।

Question 9. अभिकथन (A) और तर्क (R) आधारित प्रश्न:

अभिकथन (A): कंपनी बाग के मुहाने पर रखी तोप अब केवल एक ऐतिहासिक धरोहर और प्रदर्शन की वस्तु है।

तर्क (R): तोप ने 1857 में क्रांतिकारियों का दमन किया था, किंतु आज वह पूर्णतः निष्प्रभावी है।

(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।

(ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।

(ग) A सही है, परंतु R गलत है।

(घ) A गलत है, परंतु R सही है।

Answer:

सही उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।

स्पष्टीकरण: तोप का ऐतिहासिक आतंक अब समाप्त हो चुका है, इसलिए वह वर्तमान में केवल एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।

Question 10. ‘तोप’ कविता की भाषा-शैली पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।

Answer:

  • भाषा: सरल, सुबोध और व्यावहारिक खड़ी बोली हिंदी, जिसमें ‘परखच्चे’, ‘सूरमा’, ‘फ़ारिग’ और ‘बहरहाल’ जैसे देशज और उर्दू शब्दों का सटीक प्रयोग है।
  • शैली: व्यंग्यात्मक (Satirical), चित्रात्मक और प्रतीकात्मक शैली का प्रयोग, जो पाठक के मानस-पटल पर दृश्य जीवंत कर देती है।

Question 11. क्या हथियारों की होड़ से विश्व में शांति संभव है? ‘तोप’ कविता के संदर्भ में अपने विचार लिखिए।

Answer:

‘तोप’ कविता स्पष्ट करती है कि हथियारों और सैन्य-बल से कभी स्थायी शांति नहीं आ सकती। हथियार केवल विनाश और भय पैदा करते हैं। वास्तविक शांति पारस्परिक संवाद, प्रेम, सह-अस्तित्व और मानवीय संवेदनाओं से ही संभव है।

Question 12. कंपनी बाग में आने वाले सैलानियों को तोप से क्या प्रेरणा लेनी चाहिए?

Answer:

सैलानियों को यह प्रेरणा लेनी चाहिए कि स्वतंत्रता अनमोल है। हमें उन बलिदानियों को याद रखना चाहिए जिन्होंने तोप के गोलों का सामना करके देश को स्वतंत्र कराया, और देश में कभी ऐसी परिस्थितियाँ नहीं बनने देनी चाहिए जिससे पुनः कोई बाह्य शक्ति हम पर हावी हो सके।

Question 13. ‘तोप’ कविता का संदेश आज के वैश्विक संदर्भ में कितना प्रासंगिक है?

Answer:

आज जब विश्व के शक्तिशाली देश परमाणु हथियारों और मिसाइलों की होड़ में लगे हैं, यह कविता याद दिलाती है कि विनाशकारी अस्त्र कभी मानवता का कल्याण नहीं कर सकते। बड़े से बड़े सैन्य साम्राज्य का अंत शांति और सह-अस्तित्व के आगे झुकने में ही होता है।

Question 14. केस स्टडी प्रश्न (Case Study Scenario):

एक पुरातत्व विभाग के संग्रहालय में मध्यकालीन युद्ध के भयानक अस्त्र-शस्त्र रखे हैं। एक गाइड बच्चों को बताता है कि इन हथियारों ने लाखों निर्दोषों की जान ली, परंतु आज ये केवल शीशे के बक्से में बंद हैं और बच्चे इन्हें देखकर हँसते हैं।

यह स्थिति वीरेन डंगवाल की ‘तोप’ कविता के किस मुख्य विचार की पुष्टि करती है?

Answer:

यह स्थिति कविता के इस मूल दार्शनिक विचार की पुष्टि करती है कि “कितनी भी बड़ी हो तोप, एक दिन तो होना ही है उसका मुँह बंद”। समय के साथ हिंसा के साधन शक्तिहीन हो जाते हैं और भविष्य की पीढ़ियाँ उन पर विजय पाकर शांतिपूर्ण जीवन की ओर अग्रसर होती हैं।

Question 15. ‘तोप’ कविता से हमें क्या मुख्य नैतिक शिक्षा मिलती है?

Answer:

कविता से हमें मुख्य रूप से यह शिक्षा मिलती है कि:

  • हमें अपनी शक्ति, पद और सत्ता का कभी अनुचित अहंकार नहीं करना चाहिए।
  • हिंसा और दमन का मार्ग विनाशकारी होता है; केवल प्रेम, शांति और मानवीय मूल्य ही अमर रहते हैं।

6. CONCLUDING BOARD TOPPER STRATEGY

सीबीएसई कक्षा 10 हिंदी ‘ब’ की परीक्षा में ‘तोप’ कविता से पूरे अंक (Full Marks) प्राप्त करने के लिए प्रमुख बिंदु:

  1. तोप के दोनों रूपों का तुलनात्मक उत्तर: जब भी तोप के स्वरूप का प्रश्न आए, तो उसके अतीत (1857 की मारक क्षमता, सूरमाओं के परखच्चे उड़ाना) और वर्तमान (बच्चों की घुड़सवारी, चिड़ियों की गपशप, शक्तिहीनता) का तुलनात्मक बिंदु बनाकर लिखें।
  2. प्रतीकात्मक शब्दों का सटीक प्रयोग: ‘शांति की विजय’, ‘सत्ता की नश्वरता’, ‘धरोहर का महत्त्व’, और ‘अहंकार का मुँह बंद होना’ जैसे साहित्यिक शब्दों का उत्तर में प्रयोग करें और उन्हें रेखांकित (Underline) करें।
  3. टू-द-पॉइंट लेखन: प्रश्न में पूछे गए भाव के अनुसार सीधे और स्पष्ट उत्तर लिखें, जिससे परीक्षक को उत्तर का मुख्य केंद्र बिंदु तुरंत मिल सके।

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